छोड़ गई अब के वो भी मुझ को जो सिगरेट छुड़ाया करती थी
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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इशारे में उस ने कहा मुस्कुरा कर इशारे से तुम को इशारा करेंगे
Rohit Gustakh
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ये भी मशहूर था कूचे में उस के जिसे तुम लोग पागल कह रहे हो
Rohit Gustakh
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ग़म-ए-दुनिया से आगे कुछ नहीं है जहाँ तुम आशनाई कर रही हो
Rohit Gustakh
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चूम कर ज़ख़्म फिर से हरा कर दिया क्या लगा था तुम्हें मोजिज़ा कर दिया आप के इश्क़ का क़र्ज़ था मुझ पे जो काटकर हिज्र की शब अदा कर दिया
Rohit Gustakh
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यतीमों की तरह बस पाल रक्खा है इन्हें हम ने हमें जो दुख मिले हैं वो हमारे दुख नहीं लगते किसी की आँख में रह कर किसी के ख़्वाब देखे हैं हजारों कोशिशें की पर किनारे दुख नहीं लगते
Rohit Gustakh
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