दर्द-ए-दिल रह रह तसव्वुर होते है जी ये ग़ज़ल-गोई मियाँ आसान है क्या
Related Sher
ये ख़राबातियान-ए-ख़िरद-बाख़्ता सुब्ह होते ही सब काम पर जाएँगे
Jaun Elia
64 likes
इशारा कर रहे हैं बाल ये बिखरे हुए क्या तू मेरे पास आया है कहीं होते हुए क्या ये इतना हँसने वाले इश्क़ में टूटे हुए लोग तू इन से पूछना अंदर से भी अच्छे हुए क्या
Kushal Dauneria
62 likes
दूर रहें तो याद बहुत आती सब की साथ रहें तो घर में झगड़े होते हैं
Tanoj Dadhich
55 likes
अपनी क़िस्मत में सभी कुछ था मगर फूल न थे तुम अगर फूल न होते तो हमारे होते
Ashfaq Nasir
55 likes
गर ये अच्छी क़िस्मत है तो लानत ऐसी क़िस्मत पर अपने फोन में देख रहे हैं, बाप को बूढ़ा होते हम
Siddharth Saaz
43 likes
More from Vikalp Mishra Anuj
मुसीबत में जो हो साथी यही पहचान अपनों की
Vikalp Mishra Anuj
0 likes
मुश्किलें कर देती है मायूस यारों चाहते तो हैं सभी ही मुस्कुराना
Vikalp Mishra Anuj
0 likes
मुझे कुछ पूछने में तुम सेे डर लगता पता क्या प्रश्न पर ही प्रश्न हो जाए
Vikalp Mishra Anuj
0 likes
ज़िंदगी तो बात है ऐसी अनोखी जानना ही गूढ़ होता जा रहा है
Vikalp Mishra Anuj
0 likes
सिर्फ़ इक ही बात जो सच है जहाँ में कर के आती यार है वो भी बहाना
Vikalp Mishra Anuj
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Vikalp Mishra Anuj.
Similar Moods
More moods that pair well with Vikalp Mishra Anuj's sher.







