धड़कन मेरी थोड़ी मद्धम सी चलती है इक शो'ला पलता है ख़ामोशी पलती है
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मेरा अरमान मेरी ख़्वाहिश नहीं है ये दुनिया मेरी फ़रमाइश नहीं है मैं तेरे ख़्वाब वापस कर रहा हूँ मेरी आँखों में गुंजाइश नहीं है
Abrar Kashif
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जा तुझे जाने दिया जानाँ मेरी जानाँ जान अब तू हो गई अनजान हो जैसे
nakul kumar
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चलती फिरती हुई आँखों से अज़ाँ देखी है मैं ने जन्नत तो नहीं देखी है माँ देखी है
Munawwar Rana
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तुम मेरी तरफ़ देखना छोड़ो तो बताऊँ हर शख़्स तुम्हारी ही तरफ़ देख रहा है
Waseem Barelvi
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मज़ा तो तब है कि तुम हार के भी हँसते रहो हमेशा जीत ही जाना कमाल थोड़ी है
Parveen Shakir
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ज़िंदगी बस साँस लेना ही नहीं है ये समझ लो थपथपा दें पीठ जो पापा तो क्या ही बात होगी
sahllucknowi
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तीर मेरी रूह में जा कर धँसा था और वो मरहम जिस्म तक ही करता था काम
sahllucknowi
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थोड़ी सी ही सही वो मुलाक़ात अच्छी थी बातें भले ही कम हुईं पर रात अच्छी थी
sahllucknowi
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सुनती अब भी लोरी माँ के हाथ की है नहीं पंछी को चिंता रात की
sahllucknowi
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ख़ामुशी सुनने की आदत डालो मेरे लब कुछ नहीं कहने वाले
sahllucknowi
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