sherKuch Alfaaz

दोस्त होकर भी है मेरा दुश्मन उस का किरदार दो-मुहाँ सा है

Related Sher

सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ

Jaun Elia

545 likes

कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

521 likes

कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा

Allama Iqbal

354 likes

मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है

Tehzeeb Hafi

566 likes

क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था

Tehzeeb Hafi

444 likes

More from Daagh Aligarhi

सारी दुनिया से किनारा भी नहीं कर सकते तेरी यादों पे गुज़ारा भी नहीं कर सकते रू-ब-रू आज हुए भी तो हुए ऐसी जगह हम कोई साफ़ इशारा भी नहीं कर सकते

Daagh Aligarhi

0 likes

मिटते मिटते मिटती है हो अगर कसक कोई ज़ख़्म चाहे जैसा हो, भरते भरते भरता है

Daagh Aligarhi

0 likes

इक शहनशाह ने बनवा के हँसी ताजमहल हाथ कटवाए ग़रीबों के, हुनर छीन लिया

Daagh Aligarhi

2 likes

ले हम भी सर उठाते हैं मुहब्बत दिखा जो दाँव आते हैं मुहब्बत अलिफ़ से मीम तक लाए थे जिन को वो हम को ही सिखाते हैं मुहब्बत

Daagh Aligarhi

0 likes

बस्ती बस्ती ख़ाक उड़ाये, बस वहशत का मारा हो उस सेे इश्क़ की आस न करना जिस का मन बंजारा हो ख़ुद को शाइ'र कहते रहना दिल को लाख सुकूँ दे दे लेकिन दुनिया की नज़रों में तुम अब भी आवारा हो

Daagh Aligarhi

32 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Daagh Aligarhi.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Daagh Aligarhi's sher.