ले हम भी सर उठाते हैं मुहब्बत दिखा जो दाँव आते हैं मुहब्बत अलिफ़ से मीम तक लाए थे जिन को वो हम को ही सिखाते हैं मुहब्बत
Related Sher
बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
141 likes
मंज़िलें क्या हैं, रास्ता क्या है हौसला हो तो फ़ासला क्या है
Aalok Shrivastav
152 likes
उस को फ़ुर्सत नहीं मिलती कि पलट कर देखे हम ही दीवाने हैं दीवाने बने रहते हैं
Waseem Barelvi
151 likes
कैसा दिल और इस के क्या ग़म जी यूँँ ही बातें बनाते हैं हम जी
Jaun Elia
155 likes
ये मत भूलो कि ये लम्हात हम को बिछड़ने के लिए मिलवा रहे हैं
Jaun Elia
143 likes
More from Daagh Aligarhi
मिटते मिटते मिटती है हो अगर कसक कोई ज़ख़्म चाहे जैसा हो, भरते भरते भरता है
Daagh Aligarhi
0 likes
सारी दुनिया से किनारा भी नहीं कर सकते तेरी यादों पे गुज़ारा भी नहीं कर सकते रू-ब-रू आज हुए भी तो हुए ऐसी जगह हम कोई साफ़ इशारा भी नहीं कर सकते
Daagh Aligarhi
0 likes
दोस्त होकर भी है मेरा दुश्मन उस का किरदार दो-मुहाँ सा है
Daagh Aligarhi
0 likes
जिस की इक तस्वीर ले आई लहू इन आँखों में वो मुक़ाबिल आएगा तो आँखें ही ले जाएगा
Daagh Aligarhi
0 likes
इक शहनशाह ने बनवा के हँसी ताजमहल हाथ कटवाए ग़रीबों के, हुनर छीन लिया
Daagh Aligarhi
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Daagh Aligarhi.
Similar Moods
More moods that pair well with Daagh Aligarhi's sher.







