दुनिया मुझ को पागल करने वाली थी फिर मैं ने कुछ शे'र कहे और बच निकला
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम अब भी तुम मुझ को जानती हो क्या
Jaun Elia
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ये मैं ने कब कहा कि मेरे हक़ में फ़ैसला करे अगर वो मुझ से ख़ुश नहीं है तो मुझे जुदा करे मैं उस के साथ जिस तरह गुज़ारता हूँ ज़िंदगी उसे तो चाहिए कि मेरा शुक्रिया अदा करे
Tehzeeb Hafi
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उस की निगाह-ए-नाज़ से आगे निकल गए या'नी फ़रेब-साज़ से आगे निकल गए हम से भी रोक लेने की ज़हमत नहीं हुई तुम भी हर इक लिहाज़ से आगे निकल गए
Vikas Sahaj
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लोग खाते हैं तरस मुझ पे तो हैरत कैसी अपनी हालत पे मुझे ख़ुद भी तरस आता है
Vikas Sahaj
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दुनिया जिस ने जीती उस की ख़ातिर भी अब तक टेढ़ी खीर बनी है इक लड़की
Vikas Sahaj
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मैं तेरे पास वापस आ रहा हूँ दुबारा भेजना मत इस धरा पर
Vikas Sahaj
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उस ने गले से हम को लगाया तो रो पड़े अपना बना के हाथ छुड़ाया तो रो पड़े मैं ने ग़मों से कह तो दिया रहना उम्र भर वा'दा ग़मों ने अपना निभाया तो रो पड़े
Vikas Sahaj
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