उस की निगाह-ए-नाज़ से आगे निकल गए या'नी फ़रेब-साज़ से आगे निकल गए हम से भी रोक लेने की ज़हमत नहीं हुई तुम भी हर इक लिहाज़ से आगे निकल गए
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तन्हाई ये तंज करे है तन्हा क्यूँ है यार कहाँ है आगे पीछे चलने वाले
Vishal Singh Tabish
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अब दोस्त कोई लाओ मुक़ाबिल में हमारे दुश्मन तो कोई क़द के बराबर नहीं निकला
Munawwar Rana
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बिठा दिया है सिपाही के दिल में डर उस ने तलाशी दी है दुपट्टा उतार कर उस ने मैं इस लिए भी उसे ख़ुद-कुशी से रोकता हूँ लिखा हुआ है मेरा नाम जिस्म पर उस ने
Zia Mazkoor
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प्यार का रिश्ता ऐसा रिश्ता शबनम भी चिंगारी भी या'नी उन सेे रोज़ ही झगड़ा और उन्हीं से यारी भी
Ateeq Allahabadi
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आगे तो आने दीजिए रस्ता तो छोड़िए हम कौन हैं ये सामने आ कर बताएँगे
Ali Zaryoun
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दुनिया मुझ को पागल करने वाली थी फिर मैं ने कुछ शे'र कहे और बच निकला
Vikas Sahaj
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दरगाहों पर चढ़ने हैं या मंदिर में फूल नहीं खिलते हैं इस तैयारी से
Vikas Sahaj
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मैं तेरे पास वापस आ रहा हूँ दुबारा भेजना मत इस धरा पर
Vikas Sahaj
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लोग खाते हैं तरस मुझ पे तो हैरत कैसी अपनी हालत पे मुझे ख़ुद भी तरस आता है
Vikas Sahaj
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खड़ी है देह की जब तक इमारत बने रहना सदा आधार मोहन
Vikas Sahaj
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