दूर जाना भूल जाना फिर नए रिश्ते बनाना है नहीं आसान फिर भी मैं यहाँ कोशिश करूँँगा
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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आख़िरश को नींद प्यारी हो गई आख़िरश हम मौत तक भी आ गए
Satyawesh Niraj
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तुम्हारी दिल-लगी तुम को मुबारक मुझे तो इश्क़ होता जा रहा है
Satyawesh Niraj
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किसी के घर बसाने से गया कोई ठिकाने से तू मुझ सेे प्यार करती थी ये कह देना 'फलाने' से
Satyawesh Niraj
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बैठ कर मालूम करना है तुम्हारे साथ मुझ को क्यूँ मैं इतने दिन से अपने आप से बिछड़ा हुआ हूँ
Satyawesh Niraj
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साथ रह कर दूर रहता है कोई इस लिए मजबूर रहता है कोई आइने को देख मुझ को ये लगा क्यूँ यहाँ मग़रूर रहता है कोई
Satyawesh Niraj
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