किसी के घर बसाने से गया कोई ठिकाने से तू मुझ सेे प्यार करती थी ये कह देना 'फलाने' से
Related Sher
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
444 likes
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
263 likes
कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
321 likes
More from Satyawesh Niraj
आख़िरश को नींद प्यारी हो गई आख़िरश हम मौत तक भी आ गए
Satyawesh Niraj
0 likes
तुम्हारी दिल-लगी तुम को मुबारक मुझे तो इश्क़ होता जा रहा है
Satyawesh Niraj
0 likes
भरोसा यार हाँ हाँ वो भरोसा ही वही तो खो दिया तुम ने भरोसा कर
Satyawesh Niraj
1 likes
दिल की दुनिया में कोई आग लगाने आया एक जंगल हुई बस्ती को जलाने आया एक कमज़र्फ़ को भेजा था दुआएँ देकर एक कमज़र्फ़ मुझे फिर से सताने आया
Satyawesh Niraj
1 likes
बैठ कर मालूम करना है तुम्हारे साथ मुझ को क्यूँ मैं इतने दिन से अपने आप से बिछड़ा हुआ हूँ
Satyawesh Niraj
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Satyawesh Niraj.
Similar Moods
More moods that pair well with Satyawesh Niraj's sher.







