दिल की दुनिया में कोई आग लगाने आया एक जंगल हुई बस्ती को जलाने आया एक कमज़र्फ़ को भेजा था दुआएँ देकर एक कमज़र्फ़ मुझे फिर से सताने आया
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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आख़िरश को नींद प्यारी हो गई आख़िरश हम मौत तक भी आ गए
Satyawesh Niraj
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तुम्हारी दिल-लगी तुम को मुबारक मुझे तो इश्क़ होता जा रहा है
Satyawesh Niraj
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भरोसा यार हाँ हाँ वो भरोसा ही वही तो खो दिया तुम ने भरोसा कर
Satyawesh Niraj
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बैठ कर मालूम करना है तुम्हारे साथ मुझ को क्यूँ मैं इतने दिन से अपने आप से बिछड़ा हुआ हूँ
Satyawesh Niraj
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दूर जाना भूल जाना फिर नए रिश्ते बनाना है नहीं आसान फिर भी मैं यहाँ कोशिश करूँँगा
Satyawesh Niraj
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