एहसास नहीं होता लुटने का सनम हम को जब आप की महफ़िल से हम लौट के आते हैं
Related Sher
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
163 likes
More from Ajeetendra Aazi Tamaam
ज़िंदगी भी आख़िरश तंहाई है मैं भला तन्हाई से क्यूँ डर गया
Ajeetendra Aazi Tamaam
0 likes
सौ ज़ख़्म दिल पे हैं मेरे सौ ज़ख़्म मेरी जाँ क्या एक-एक दिल मेरा दिखलाए आप को
Ajeetendra Aazi Tamaam
0 likes
यूँँ बहाएा न कर सर-ए-महफ़िल अश्क आँखों का आब-ए-ज़मज़म है
Ajeetendra Aazi Tamaam
1 likes
सर नेम ख़ानदान की पहचान बन गया जितने भी मुफ़्तख़ोर थे मग़रूर हो गए कुछ लोग ख़ानदान से जूझे तमाम उम्र कुछ लोग ख़ानदान से मशहूर हो गए
Ajeetendra Aazi Tamaam
1 likes
ये कभी भी दग़ा नहीं करतीं चल किताबों से इश्क़ करते हैं
Ajeetendra Aazi Tamaam
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ajeetendra Aazi Tamaam.
Similar Moods
More moods that pair well with Ajeetendra Aazi Tamaam's sher.







