एक अँधेरे घर में हैं हम जिस का दरीचा कुछ छोटा है
Related Sher
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
566 likes
More from Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
न बंजर देखी जाती है न ज़रख़ेज़ ये जो हम ने ज़मीं छोड़ी हुई है
Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
1 likes
ख़्वाब ही ने जगाए रक्खा है वर्ना आदम तो सो चुका होता
Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
1 likes
तभी तो अब के मेरी चाल में रवानी थी कि मैं ने पहले भी रस्ते की ख़ाक छानी थी मुझे तो तैरना था डूबना नहीं था ख़ैर ये बात तब की है जब मछली जल की रानी थी
Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
1 likes
रात कैसे सोने दे सकती है फिर चाँद को गर दिन-दहाड़े देख लो
Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
1 likes
अब आ कर क्या ही शाइ'र से सुनोगे तब आते जब वो याद आया हुआ था
Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'.
Similar Moods
More moods that pair well with Rajnishwar Chauhan 'Rajnish''s sher.







