Related Sher

इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया वर्ना हम भी आदमी थे काम के

Mirza Ghalib

85 likes

मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए

Jaun Elia

302 likes

तरीक़े और भी हैं इस तरह परखा नहीं जाता चराग़ों को हवा के सामने रक्खा नहीं जाता मोहब्बत फ़ैसला करती है पहले चंद लम्हों में जहाँ पर इश्क़ होता है वहाँ​ सोचा नहीं जाता

Abrar Kashif

130 likes

अब मज़ीद उस सेे ये रिश्ता नहीं रक्खा जाता जिस सेे इक शख़्स का पर्दा नहीं रक्खा जाता पढ़ने जाता हूँ तो तस्में नहीं बाँधे जाते घर पलटता हूँ तो बस्ता नहीं रक्खा जाता

Tehzeeb Hafi

129 likes

गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है

Rahat Indori

263 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Rajnishwar Chauhan 'Rajnish''s sher.