ek main hun ki is aashob-e-nawa mein chup hun warna duniya mere zakhmon ki zaban bolti hai
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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एक मैं हूँ कि इस आशोब-ए-नवा में चुप हूँ वर्ना दुनिया मेरे ज़ख़्मों की ज़बाँ बोलती है
Irfan Siddiqi
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देखते हैं तो लहू जैसे रगें तोड़ता है हम तो मर जाएँगे सीने से लगा कर उस को
Irfan Siddiqi
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कहा था तुम ने कि लाता है कौन इश्क़ की ताब सो हम जवाब तुम्हारे सवाल ही के तो हैं
Irfan Siddiqi
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मैं ख़्वाब देख रहा हूँ कि वो पुकारता है और अपने जिस्म से बाहर निकल रहा हूँ मैं
Irfan Siddiqi
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देख लेता है तो खिलते चले जाते हैं गुलाब मेरी मिट्टी को ख़ुश-आसार किया है उस ने
Irfan Siddiqi
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