एक सरिता ने आश्रय था माँगा मगर हम तो शिव भी नहीं जो जटा दे सकें हम स्वयं ही तो कानन में विचरण करें कोई घर हो तो उस का पता दे सकें
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मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Ismail Raaz
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दिल से साबित करो कि ज़िंदा हो साँस लेना कोई सुबूत नहीं
Fahmi Badayuni
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उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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ये अमीरी इश्क़ पर भारी हुई जब से सो लगा है जिस्म का बाज़ार कमरे में
Jitendra "jeet"
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सब को जीने का यूँँ ढब नहीं आएगा आना जब चाहिए तब नहीं आएगा व्यर्थ ही जाएगा राह तकना तेरा जो गया सो गया अब नहीं आएगा
Jitendra "jeet"
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हम को भी हो गई है मोहब्बत किसी से फिर वो इश्क़ आख़िरी भी हमारा नहीं रहा
Jitendra "jeet"
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मेरी आँखों में आँसू हैं लबों पर है हँसी तेरे ग़मों से गर पड़े पाला तो मुझ को याद कर लेना न बाज़ी जीत पाए हम अगर दूजी मोहब्बत में तेरे हिस्से में आऊँ मैं यही फ़रियाद कर लेना
Jitendra "jeet"
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झूठों ने बाज़ार लगाया सो इस में सच की तो फिर क़ीमत सस्ती होनी है
Jitendra "jeet"
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