गर दिखाना है तो ता-उम्र दिखा ये जज़्बा एक दिन का ये तिरा इश्क़-ए-वतन ठीक नहीं
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रूठा था मैं बहुत दिनों से मान गया लेकिन कान पकड़ कर जब वो बोली सोरी-वोरी सब
Sandeep Thakur
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मौत का एक दिन मुअय्यन है नींद क्यूँँ रात भर नहीं आती
Mirza Ghalib
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साल के आख़िरी दिन उस ने दिया वक़्त हमें अब तो ये साल कई साल नहीं गुज़रेगा
Shariq Kaifi
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चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है
Hasrat Mohani
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तू नया है तो दिखा सुब्ह नई शाम नई वर्ना इन आँखों ने देखे हैं नए साल कई
Faiz Ludhianvi
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वादी झरने बर्फ़ की बातें करता है वो दिल ही में कश्मीर बसाए बैठा है
Shivang Tiwari
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मैं तेरी दुश्मनी को कुछ दिनों में भूल जाता हूँ मगर वो दोस्ती मुझ को अभी भी याद आती है
Shivang Tiwari
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एक क़िस्मत है जो लाती है ख़रीदार मगर एक तक़दीर है सौदा नहीं होने देती
Shivang Tiwari
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बहुत कठिन है मगर फिर भी चल के देखूँगा मैं एक बार तो घर से निकल के देखूँगा तवील अर्से से मंज़िल नहीं मिली तो क्या हदफ़ वही है मैं रस्ता बदल के देखूँगा
Shivang Tiwari
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मैं हिज्र का मारा हुआ हूँ इस लिए मुझ को दुआएँ दे दवाई रहने दे
Shivang Tiwari
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