गवाहों का भरोसा क्यूँ करें हम किसी का झूठ सच्चा हो गया है
Related Sher
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
594 likes
उन की सोहबत में गए सँभले दोबारा टूटे हम किसी शख़्स को दे दे के सहारा टूटे ये अजब रस्म है बिल्कुल न समझ आई हमें प्यार भी हम ही करें दिल भी हमारा टूटे
Vikram Gaur Vairagi
94 likes
किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
162 likes
न जाने क्यूँँ गले से लगने की हिम्मत नहीं होती न जाने क्यूँँ पिता के सामने बेटे नहीं खुलते
Kushal Dauneria
94 likes
More from Harsh Kumar
यारों उस की ख़ुशी के लिए मर जाना ही बेहतर था
Harsh Kumar
0 likes
ज़िंदगी को मैं नाश करता हूँ ज़िंदगी मुझ को नाश करती है
Harsh Kumar
0 likes
हाए ये जौन की उदासी 'हर्ष' हम को कितना उदास करती है
Harsh Kumar
0 likes
शा'इरी छोड़ दी जाए ज़िंदगी छोड़ दी जाए अब किसे मिलने की फ़ुर्सत दोस्ती छोड़ दी जाए
Harsh Kumar
0 likes
तिरा मिलना है जैसे डूबते को कोई तिनका सहारा हो गया है
Harsh Kumar
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Harsh Kumar.
Similar Moods
More moods that pair well with Harsh Kumar's sher.







