हाए ये जौन की उदासी 'हर्ष' हम को कितना उदास करती है
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हम पे एहसान हैं उदासी के मुस्कुराएँ तो शर्म आती है
Varun Anand
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उदासी का सबब दो चार ग़म होते तो कह देता फ़ुलाँ को भूल बैठा हूँ फ़ुलाँ की याद आती है
Ashu Mishra
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अब उदास फिरते हो सर्दियों की शामों में इस तरह तो होता है इस तरह के कामों में
Shoaib Bin Aziz
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मेरी बरसों की उदासी का सिला कुछ तो मिले उस से कह दो वो मेरा क़र्ज़ चुकाने आए
Khalil Ur Rehman Qamar
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तेरा चेहरा सुब्ह का तारा लगता है सुब्ह का तारा कितना प्यारा लगता है तुम से मिल कर इमली मीठी लगती है तुम से बिछड़ कर शहद भी खारा लगता है
Kaif Bhopali
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ज़मीं से उस का सौदा हो गया है हमारा बीज पौधा हो गया है
Harsh Kumar
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ज़िंदगी को मैं नाश करता हूँ ज़िंदगी मुझ को नाश करती है
Harsh Kumar
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मोहब्बत का कभी जब भी सफ़र आए मिरे रस्ते में तेरा भी शहर आए
Harsh Kumar
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वो हैं महफ़ूज़ जो हैं क़ैद में यारों अगर हम सेे हुए आज़ाद रोयेंगे
Harsh Kumar
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तिरा मिलना है जैसे डूबते को कोई तिनका सहारा हो गया है
Harsh Kumar
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