मोहब्बत का कभी जब भी सफ़र आए मिरे रस्ते में तेरा भी शहर आए
Related Sher
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
264 likes
घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Tehzeeb Hafi
294 likes
अब ज़रूरी तो नहीं है कि वो सब कुछ कह दे दिल में जो कुछ भी हो आँखों से नज़र आता है मैं उस सेे सिर्फ़ ये कहता हूँ कि घर जाना है और वो मारने मरने पे उतर आता है
Tehzeeb Hafi
285 likes
उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
285 likes
मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
266 likes
More from Harsh Kumar
ज़िंदगी को मैं नाश करता हूँ ज़िंदगी मुझ को नाश करती है
Harsh Kumar
0 likes
वो हैं महफ़ूज़ जो हैं क़ैद में यारों अगर हम सेे हुए आज़ाद रोयेंगे
Harsh Kumar
0 likes
उसे मालूम ही नइँ है मुहब्बत बहुत वो साफ़ सुथरा हो गया है
Harsh Kumar
0 likes
ज़मीं से उस का सौदा हो गया है हमारा बीज पौधा हो गया है
Harsh Kumar
0 likes
हाए ये जौन की उदासी 'हर्ष' हम को कितना उदास करती है
Harsh Kumar
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Harsh Kumar.
Similar Moods
More moods that pair well with Harsh Kumar's sher.







