ग़म जुदाई और ढांढस में पढ़ेंगे इश्क़ में तो यार बोनस में पढ़ेंगे आज मत दे मेरे शे'रों पे तवज्जोह कल तेरे बच्चे सिलेबस में पढ़ेंगे
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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शे'र अच्छा तो नहीं है दोस्त पर तेरे चेहरे पे ख़ुशी तो आ गई
Vijay Potter Singhadiya
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शाइ'र हूँ पगली सब को ये ही कहता हूँ तेरे लिए ही तो ये शे'र कहा है मैं ने
Vijay Potter Singhadiya
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सब कहते हैं काला अच्छा नइं होता लेकिन तुम ने उस का काजल देखा है
Vijay Potter Singhadiya
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तोड़ देगी वो भरोसा, फिर करूँँगा मैं यक़ीं ख़ैर! मैं तो जानता भी हूँ कि दुनिया गोल है
Vijay Potter Singhadiya
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इक मतला इक ताज़ा शे'र सुना लेते हैं बेकारी है तो अब लोग मज़ा लेते हैं शे'र तो क्या तुम यार ग़ज़ल ही चुरा लो मेरी वालिद का जूठा तो बच्चे खा लेते हैं
Vijay Potter Singhadiya
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