हम को तितली के आशिक़ की हाए लगी हम उस की माशूका पकड़ा करते थे
Related Sher
रौशनी बढ़ने लगी है शहर की चाँद छत पर आ गया है देखिए
Divy Kamaldhwaj
64 likes
अश्कों से बुझाकर आया हूँ जो आग लगी है झरने में
nakul kumar
62 likes
चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है
Hasrat Mohani
69 likes
हम उस के दिल में रहते हैं सो अच्छे हैं वगरना दोस्त अदाओं से तो आशिक़ को वो ज़िंदा मार देती है
Ankit Maurya
46 likes
चलता रहने दो मियाँ सिलसिला दिलदारी का आशिक़ी दीन नहीं है कि मुकम्मल हो जाए
Abbas Tabish
46 likes
More from Lakhan Vaishnav "Aasmaan"
आज कल इक नदी के तट पर हम बैठ के ज़िंदगी पकड़ते हैं
Lakhan Vaishnav "Aasmaan"
0 likes
तेरी दुनिया काम की नईं मौला तेरा कुन बस एक सियापा है
Lakhan Vaishnav "Aasmaan"
0 likes
दुनिया जहाँ की बात से आगे निकल गया वो शख़्स जब वफ़ात से आगे निकल गया उस की ख़ता नहीं कि मुझे छोड़ कर गई मैं ही मेरी बिसात से आगे निकल गया
Lakhan Vaishnav "Aasmaan"
1 likes
बच्चों को मालूम है दुनिया दोज़ख है पैदा होते ही सब रोने लगते हैं
Lakhan Vaishnav "Aasmaan"
6 likes
कल अकेला बैठ कर वो रो रहा था आज "वो" ख़ामोश है "सब" रो रहे हैं
Lakhan Vaishnav "Aasmaan"
5 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Lakhan Vaishnav "Aasmaan".
Similar Moods
More moods that pair well with Lakhan Vaishnav "Aasmaan"'s sher.







