हमें बे-दिली ये गँवाना नहीं है चराग़ों को फिर से जलाना नहीं है
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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तोड़ देता वो तन्हाई में दम मगर चाँद आया फ़क़त तीरगी के लिए
Ritika reet
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याद उस को इस क़दर मैं ने किया उम्र भर उस में सफ़र मैं ने किया कोई तो आ कर के बैठेगा यहाँ सोच कर ख़स्ता जिगर मैं ने किया
Ritika reet
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सदा बे-दिली ही मिली तो हुआ क्या हमें भी मगर मुस्कुराना नहीं है
Ritika reet
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आँख से टपका था रेज़ा दर्द का हाथ में मेरे था तारा दर्द का ख़ुशनसीबी समझो या फिर हादसा मैं ने कल देखा था चेहरा दर्द का
Ritika reet
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यूँँही न गुलिस्तान बयाबान हुआ है लगता है यहाँ से कोई तूफ़ान गया है फिर आपने माँगी है ख़ुशी मेरी ख़ुदा से फिर आपने कितना मेरा नुक़्सान किया है
Ritika reet
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