यूँँही न गुलिस्तान बयाबान हुआ है लगता है यहाँ से कोई तूफ़ान गया है फिर आपने माँगी है ख़ुशी मेरी ख़ुदा से फिर आपने कितना मेरा नुक़्सान किया है
Related Sher
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
444 likes
तेरा चेहरा सुब्ह का तारा लगता है सुब्ह का तारा कितना प्यारा लगता है तुम से मिल कर इमली मीठी लगती है तुम से बिछड़ कर शहद भी खारा लगता है
Kaif Bhopali
72 likes
More from Ritika reet
तोड़ देता वो तन्हाई में दम मगर चाँद आया फ़क़त तीरगी के लिए
Ritika reet
1 likes
सदा बे-दिली ही मिली तो हुआ क्या हमें भी मगर मुस्कुराना नहीं है
Ritika reet
1 likes
हमें बे-दिली ये गँवाना नहीं है चराग़ों को फिर से जलाना नहीं है
Ritika reet
1 likes
नफ़रतों में किसी से इश्क़ किया है हम ने फूल को छोड़ के कांटो को चुना है हम ने
Ritika reet
2 likes
तसव्वुर किसी का चला जाएगा फिर यही सोच पलके उठाना नहीं है
Ritika reet
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Ritika reet.
Similar Moods
More moods that pair well with Ritika reet's sher.







