sherKuch Alfaaz

यूँँही न गुलिस्तान बयाबान हुआ है लगता है यहाँ से कोई तूफ़ान गया है फिर आपने माँगी है ख़ुशी मेरी ख़ुदा से फिर आपने कितना मेरा नुक़्सान किया है

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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं

Azhar Iqbal

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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ

Jaun Elia

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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था

Tehzeeb Hafi

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तेरा चेहरा सुब्ह का तारा लगता है सुब्ह का तारा कितना प्यारा लगता है तुम से मिल कर इमली मीठी लगती है तुम से बिछड़ कर शहद भी खारा लगता है

Kaif Bhopali

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