हमें पता है कि मसरूफ़ हो बहुत फिर भी हमारी दस्तकें सुनते रहो ज़मीर हैं हम
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रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
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चल गया होगा पता ये आप को बे-वफ़ा कहते हैं लड़के आप को इक ज़रा से हुस्न पर इतनी अकड़ तू समझती क्या है अपने आप को
Kushal Dauneria
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हैं और भी दुनिया में सुख़न-वर बहुत अच्छे कहते हैं कि 'ग़ालिब' का है अंदाज़-ए-बयाँ और
Mirza Ghalib
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कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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ये हासिल है मिरी ख़ामोशियों का कि पत्थर आज़माने लग गए हैं
Madan Mohan Danish
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क्यूँँ ज़रूरी है किसी के पीछे पीछे हम चलें जब सफ़र अपना है तो अपनी रवानी चाहिए
Madan Mohan Danish
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गुज़रता ही नहीं वो एक लम्हा इधर मैं हूँ कि बीता जा रहा हूँ
Madan Mohan Danish
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मुझे अपना किनारा कम था 'दानिश' बढ़ा ली मैं ने फिर गहराई अपनी
Madan Mohan Danish
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तअल्लुक़ में नया इतना हुआ है वो मेरा नाम लेने लग गया है
Madan Mohan Danish
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