sherKuch Alfaaz

हर गाम तेरे इश्क़ का इकरार है मैं हूँ ज़ंजीर है ज़ंजीर की झनकार है मैं हूँ ऐ ज़ीस्त जो सब सेे बड़ी फ़नकार है तू है और तुझ सेे बड़ा वो जो अदाकार है मैं हूँ

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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ

Ali Zaryoun

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मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे

Mirza Ghalib

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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे

Abbas Tabish

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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है

Abrar Kashif

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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है

Jawwad Sheikh

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ख़ुशरंग नज़र आता है जाज़िब नहीं लगता माहौल मेरे दिल से मुख़ातिब नहीं लगता मैं भी नहीं हर शे'र में मौजूद ये सच है ग़ालिब भी हर इक शे'र में ग़ालिब नहीं लगता

Obaid Azam Azmi

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राहों में जान घर में चराग़ों से शान है दीपावली से आज ज़मीन आसमान है

Obaid Azam Azmi

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दीवार उठाने की तिजारत नहीं आई दिल्ली में रहे और सियासत नहीं आई बिकने को तो दिल बिक गया बाज़ार में लेकिन जो आप बताते थे वो क़ीमत नहीं आई

Obaid Azam Azmi

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दिल जिस का मोहब्बत में गिरफ़्तार रहा है वो मेरी मदद के लिए तैयार रहा है आग़ाज़-ए-मोहब्बत का फ़साना भी था दिलचस्प बर्बादी का क़िस्सा भी मज़ेदार रहा है

Obaid Azam Azmi

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कहाँ से चला था निग़ाहों में क्या था कहाँ जा रहा था मुझे सोचने दो मेरा साज़ क्या था मेरी तर्ज़ क्या थी मैं क्या गा रहा था मुझे सोचने दो

Obaid Azam Azmi

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