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हर जानिब हो कर आया हूँ बातें हैं बस यार वही चर्चा उस के चहरे का या चहरे का श्रंगार वही अच्छा सब लगता है पर दो चीज़ों का कायल हूँ मैं खन खन तेरे कंगन की औ पायल की झंकार वही
Nirvesh Navodayan5 Likes
हर जानिब हो कर आया हूँ बातें हैं बस यार वही चर्चा उस के चहरे का या चहरे का श्रंगार वही अच्छा सब लगता है पर दो चीज़ों का कायल हूँ मैं खन खन तेरे कंगन की औ पायल की झंकार वही
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