फिर इक रात मुझे आया मैसेज यही समझो तुम आख़िर मेरा मैसेज यही
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Nirvesh Navodayan
@nirvesh_navodayan
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Ghazal
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Nazm
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sherKuch Alfaaz
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तुम थे हम थे और किनारा तीनों ने दिन साथ गुज़ारा
sherKuch Alfaaz
नींद हमें कब तक आएगी कब तक करवट बदलेंगे हम?
sherKuch Alfaaz
क्या ही होगा रहने से मेरे बन के काम सभी करने हैं जब उस के मन के
sherKuch Alfaaz
इकदम दिल ख़ुश कर देने वाला जादू सब सेे अव्वल और सब सेे आला जादू
sherKuch Alfaaz
हर जानिब हो कर आया हूँ बातें हैं बस यार वही चर्चा उस के चहरे का या चहरे का श्रंगार वही
sherKuch Alfaaz
बे-वफ़ाई या वफ़ा अपनी जगह है सब कुछ याद आता है मगर साथ में मंदिर जाना
sherKuch Alfaaz
बरबस तेरी ओर ध्यान चला जाता है और फिर मेरा ईमान चला जाता है
sherKuch Alfaaz
मत पूछो कैसे निकला तिनका इश्क़ का आँसू से धोई हम ने आँखें अपनी
sherKuch Alfaaz
प्यार कभी भी हो सकता है लोगों को उम्र नहीं होती है पागल होने की
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