हर कोई सब्र की तलक़ीन किया करता है पर कोई ये तो बताए कि करूँँ मैं, कैसे?
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
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यूँँ जो तकता है आसमान को तू कोई रहता है आसमान में क्या
Jaun Elia
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दुआएँ दे रहे हैं उस को ज़िंदगी की मगर हमीं हैं जिस ने कि जीना मुहाल कर दिया है
Afzal Ali Afzal
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चढ़ते हुवे ए शम्स दिखा ताव भी मगर ये जान ले कि शाम ढले डूब जाएगा
Afzal Ali Afzal
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सीने में मेरे दिल है, पर अब उस में तू नहीं या'नी तिजोरी तो है मगर धन नहीं बचा
Afzal Ali Afzal
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चालीस साल इस को अकेले निभाएँगे ये चार साल का जो तअल्लुक़ था दरमियाँ
Afzal Ali Afzal
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वक़्त ए इफ़्तार ख़ुद रब था मेरे क़रीब तुझ से बढ़ कर मगर कुछ न माँगा गया
Afzal Ali Afzal
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