हर ज़रुरत पहाड़ है अब तो उम्र जबसे ढलान पर आई
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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कहाँ हो राम आ कर देख तो लो तुम्हारे नाम पर क्या हो रहा है
Shakir Dehlvi
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हम सेे पूछें भरी बहार का दुख ये जो वीरानियों को रोते हैं
Shakir Dehlvi
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क्या तमाशा है कि कांधों पे नहीं सर फिर भी दोनों हाथों से हैं दस्तार सँभाले हुए लोग
Shakir Dehlvi
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बा अदब बा मुलाहिज़ा सुनिए इश्क़ बिन ये अदब नहीं आता
Shakir Dehlvi
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वो लफ़्ज़ अब भी नक़्श हैं ज़ेहन ओ गुमान में तुम ने कभी कहा था मेरी ज़िन्दगी हो तुम
Shakir Dehlvi
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