वो लफ़्ज़ अब भी नक़्श हैं ज़ेहन ओ गुमान में तुम ने कभी कहा था मेरी ज़िन्दगी हो तुम
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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कहाँ हो राम आ कर देख तो लो तुम्हारे नाम पर क्या हो रहा है
Shakir Dehlvi
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ये जो कहते हैं कि हम तैर के बाहर आए ये हैं दरअस्ल समुंदर के उछाले हुए लोग
Shakir Dehlvi
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हर भरम टूट गया साँस जो टूटी अपनी हम तो समझे थे कि हम से ही चलेगी दुनिया
Shakir Dehlvi
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ये जो रुख़ पर तेरे तबस्सुम है इस के उस पार देखना है मुझे
Shakir Dehlvi
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मैं उन की क्या से क्यूँँ से लड़ रहा हूँ वो मेरी हाॅं से हूँ से लड़ रहे हैं
Shakir Dehlvi
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