ये जो रुख़ पर तेरे तबस्सुम है इस के उस पार देखना है मुझे
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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आप को हासिल है साहब आप समझेंगे नहीं ज़िंदगी कैसे गुज़रती है मोहब्बत के बग़ैर
Shakir Dehlvi
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ख़ामुशी दूरियाँ बढ़ाती है और बढ़ाती है बद-गुमानी भी
Shakir Dehlvi
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आप ख़ुद माँगेंगे इस के ख़त्म होने की दुआ बस तसव्वुर कीजिए दुनिया का औरत के बग़ैर
Shakir Dehlvi
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हर ज़रुरत पहाड़ है अब तो उम्र जबसे ढलान पर आई
Shakir Dehlvi
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ये जो कहते हैं कि हम तैर के बाहर आए ये हैं दरअस्ल समुंदर के उछाले हुए लोग
Shakir Dehlvi
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