हिज्र में रातें और काली हो जाती हैं हिज्र में चाँद खिड़की पर आता नहीं
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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मेरा दिल जब ज़ोर से रोने लगता है आँखें माँ से पहले तुझ को ढूँढती हैं
Lalit Sachdeva
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टूट के भी मेरा दिल तेरा ही रहेगा टूट के भी तारे नभ के कहलाते हैं
Lalit Sachdeva
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तुझ सेे पहले मैं ने उस को रक्खा नइँ रब को मुझ सेे यही शिकायत होती है
Lalit Sachdeva
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ले दे कर अब मुझ में सिर्फ़ बचा है तू पहले कहता तो मैं तुझ में ढलता नहीं
Lalit Sachdeva
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जब मैं ने तेरे बारे में सोचा है मुझ को तब बस शिव ही दिखने लगते हैं
Lalit Sachdeva
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