हो गया है आँख से ओझल बताना तो पड़ेगा पास जा कर प्यार चुपके से जताना तो पड़ेगा हाँ युधिष्ठिर ने सिखाया युद्ध में तो बस यहीं है तू न कहना झूठ फिर भी सच छुपाना तो पड़ेगा
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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हम ने उस को इतना देखा जितना देखा जा सकता था लेकिन फिर भी दो आँखों से कितना देखा जा सकता था
Farrukh Yar
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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वो ज़माना गुज़र गया कब का था जो दीवाना मर गया कब का
Javed Akhtar
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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वीडियो कॉल कर दिन निकालें जी आप मोह पाला है पैसों का परदेस में
"Dharam" Barot
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वो ख़ुद को शे'र माने बैठा देखो बताओ ज़िन्दगी सर्कस है उस को
"Dharam" Barot
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हर पान जब घनश्याम सा लगने लगे पर्यावरण तब गोपिका लगने लगे
"Dharam" Barot
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था मुश्त-ए-ख़ाक का ये जिस्म मुश्त-ए-ख़ाक बन जाना इसे आख़िर में जाना क़ब्र में या राख बन जाना
"Dharam" Barot
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हर जान जब घनश्याम सी लगने लगे संसार सारा स्वर्ग ही लगने लगे
"Dharam" Barot
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