हुई ज़रा सी रौशनी तो तीरगी चली गई वो मेरे दिल को तोड़ के ख़ुशी ख़शी चली गई
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
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तेरे लगाए हुए ज़ख़्म क्यूँँ नहीं भरते मेरे लगाए हुए पेड़ सूख जाते हैं
Tehzeeb Hafi
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ये मैं ने कब कहा कि मेरे हक़ में फ़ैसला करे अगर वो मुझ से ख़ुश नहीं है तो मुझे जुदा करे मैं उस के साथ जिस तरह गुज़ारता हूँ ज़िंदगी उसे तो चाहिए कि मेरा शुक्रिया अदा करे
Tehzeeb Hafi
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रहती न तीरगी सदा सबका समय बदलता है
Adarsh Akshar
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ना-मुमकिन को मुमकिन करना अपने दिल की हर दिन करना
Adarsh Akshar
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ये दिल उलझा हुआ तेरे ख़यालों में नहीं हो सकता है इस दिल का कुछ भी अब
Adarsh Akshar
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पथ पे अपने डटा रहता जो रात दिन आगे चल कर वही कुछ अलग करता है
Adarsh Akshar
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ज़िंदगी इक इम्तिहाँ है रोज़ ही मुश्किल यहाँ है
Adarsh Akshar
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