sherKuch Alfaaz

रहती न तीरगी सदा सबका समय बदलता है

Related Sher

मिले किसी से गिरे जिस भी जाल पर मेरे दोस्त मैं उस को छोड़ चुका उस के हाल पर मेरे दोस्त ज़मीं पे सबका मुक़द्दर तो मेरे जैसा नहीं किसी के साथ तो होगा वो कॉल पर मेरे दोस्त

Ali Zaryoun

157 likes

नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी

Jaun Elia

183 likes

इसीलिए तो मैं रोया नहीं बिछड़ते समय तुझे रवाना किया है जुदा नहीं किया है

Ali Zaryoun

183 likes

मुझ सेे बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ सेे बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी

Jaun Elia

174 likes

मंज़िलें आती जाती रहती हैं किस लिए राह में रुका जाए

Madan Mohan Danish

33 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Adarsh Akshar.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Adarsh Akshar's sher.