न दोस्ती है किसी से मेरी न है मिरी दुश्मनी ज़रा भी ये ज़िंदगी है गुज़ारी मैं ने तो सिर्फ़ ख़ुद से ही बात करते
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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ये दिल उलझा हुआ तेरे ख़यालों में नहीं हो सकता है इस दिल का कुछ भी अब
Adarsh Akshar
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याद करता है ज़रूरत में अब कुछ भी हो सकता मुहब्बत में अब
Adarsh Akshar
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याद आती है तुम्हारी आज भी तुम मुझे उतनी ही प्यारी आज भी
Adarsh Akshar
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रहती न तीरगी सदा सबका समय बदलता है
Adarsh Akshar
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कतरे से दरिया बनता है मिल कर ही रिश्ता बनता है ख़ून पसीना इक करने से मंज़िल तक रस्ता बनता है
Adarsh Akshar
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