ज़िंदगी इक इम्तिहाँ है रोज़ ही मुश्किल यहाँ है
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रक़ीब आ कर बताते हैं यहाँ तिल है वहाँ तिल है हमें ये जानकारी थी मियाँ पहले बहुत पहले
Anand Raj Singh
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इक रोज़ खेल खेल में हम उस के हो गए और फिर तमाम उम्र किसी के नहीं हुए
Vipul Kumar
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निगाहों के तक़ाज़े चैन से मरने नहीं देते यहाँ मंज़र ही ऐसे हैं कि दिल भरने नहीं देते हमीं उन से उमीदें आसमाँ छूने की करते हैं हमीं बच्चों को अपने फ़ैसले करने नहीं देते
Waseem Barelvi
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सच बताओ कि सच यही है क्या साँस लेना ही ज़िंदगी है क्या कुछ नया काम कर नई लड़की इश्क़ करना है बावली है क्या
Vikram Gaur Vairagi
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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
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ये दिल उलझा हुआ तेरे ख़यालों में नहीं हो सकता है इस दिल का कुछ भी अब
Adarsh Akshar
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मोहब्बत सिर्फ़ आख़िर तक रहेगी देख लेना तुम ये दुनिया तो मुझे पागल कहेगी देख लेना तुम
Adarsh Akshar
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कतरे से दरिया बनता है मिल कर ही रिश्ता बनता है ख़ून पसीना इक करने से मंज़िल तक रस्ता बनता है
Adarsh Akshar
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प्यार के रस्ते पे चलना है हमें अब मिल के दुनिया को बदलना है हमें अब
Adarsh Akshar
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न दोस्ती है किसी से मेरी न है मिरी दुश्मनी ज़रा भी ये ज़िंदगी है गुज़ारी मैं ने तो सिर्फ़ ख़ुद से ही बात करते
Adarsh Akshar
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