हम गरीबों पे इनायत कीजिए हैं परेशां हम सभी आक़ा यहाँ
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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नए लोगों में बैठो यार लेकिन बुरे इंसान में दिखना नहीं तुम तुम्हें भी मार डालेगी ये दुनिया हुकूमत पर कभी लिखना नहीं तुम
Faizan Faizi
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मिलना बिछड़ना काम तो होता रहेगा दोस्त अब जब साथ हैं सब, कुछ नई तस्वीर तो यूँंँ ही बना
Faizan Faizi
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मुझे भी बा'द मरने के ख़ुदा जन्नत में डालेगा दुआएँ हैं मिरी हमराह मेरे दोस्त भी जाएँ
Faizan Faizi
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सुनो मजनूंँ बने फिरते रहोगे यार कब तक तुम हमारा मशवरा है इश्क़ कोई दूसरा कर लो
Faizan Faizi
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सुना है चाँद सी काफ़ी हसीं है नहीं देखा मगर ख़ूबी बहुत है नहीं करना किसी से दोस्ती अब हमारे साथ इक सूफी बहुत है
Faizan Faizi
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