हम महफ़िल में ज़ख़्म दिखाने आए हैं टूटे दिल का हाल सुनाने आए हैं
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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वो मैं था जो उस की हर हाँ में शामिल नइँ था बस इस कारण ही तो मैं उस के क़ाबिल नइँ था उस दिल के दफ़्तर में मिल तो जाता काम मुझे हाँ पास मेरे रिश्वत में देने को दिल नइँ था
Jitendra "jeet"
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ये ख़ुदा तू तो ये जानता है कितने तरसे हैं इक शख़्स को हम
Jitendra "jeet"
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उस को यार न कुछ भाता है जिस के हिस्से ग़म आता है आँखों को कोई समझाए रातों को सोया जाता है
Jitendra "jeet"
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गीत मुक्तक सभी वो भुलाए गए होंठों तक आए पर जो न गाए गए तब से आँखों का नींदों से नाता नहीं जबसे गोदी में सर रख सुलाए गए
Jitendra "jeet"
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हाल-ए-दिल तुम ने ऐसा बनाया सनम मुझ को दर-दर पे तुम ने घुमाया सनम
Jitendra "jeet"
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