हम सेे ऐसा भला क्या नहीं हो रहा क्यूँँ कोई भी हमारा नहीं हो रहा दिल में हिम्मत नहीं है मुहब्बत की अब और अकेले गुज़ारा नहीं हो रहा
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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परों को खोल ज़माना उड़ान देखता है ज़मीं पे बैठ के क्या आसमान देखता है
Shakeel Azmi
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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ये वो धूप है जिस से दिल को सिर्फ़ भिगोया जा सकता है ये वो नशेमन जिस में केवल ग़म को संजोया जा सकता है जॉन की ग़ज़लें पढ़ने लगे हो तो फिर इतना ध्यान में रखना जॉन की ग़ज़लें पढ़ लेने पर केवल रोया जा सकता है
Praveen Sharma SHAJAR
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न कर बर्बाद लेकिन दुख तो दे थोड़ा बहुत मुझ को मैं कैसे इस ख़ुशी में शा'इरी कर पाऊँगा जानाॅं
Praveen Sharma SHAJAR
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रास आए न मुहब्बत तो भला क्या कीजे अब जो होता ही नहीं पास-ए-वफ़ा क्या कीजे उन को हाकिम की ज़रूरत जो अभी ज़िंदा हैं मुझ सी जलती हुई लाशों की दवा क्या कीजे
Praveen Sharma SHAJAR
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सुना है इश्क़ में बीमार मर के छूटते हैं तो आओ हम भी ये भुगतान कर के छूटते हैं
Praveen Sharma SHAJAR
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कर लिए हम ने मोहब्बत में कई साल ख़राब अब नए साल में हम सूद-ओ-ज़ियाँ देखेंगे
Praveen Sharma SHAJAR
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