इब्तिदा कहानी की मुस्कुराने से हुई और बाक़ी काम फिर शा'इरी ने कर दिया
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ख़ुद को इतना भी मत बचाया कर बारिशें हों तो भीग जाया कर काम ले कुछ हसीन होंठों से बातों बातों में मुस्कुराया कर
Shakeel Azmi
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प्यास अगर मेरी बुझा दे तो मैं जानू वरना तू समुंदर है तो होगा मेरे किस काम का है
Rahat Indori
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सच बताओ कि सच यही है क्या साँस लेना ही ज़िंदगी है क्या कुछ नया काम कर नई लड़की इश्क़ करना है बावली है क्या
Vikram Gaur Vairagi
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सोचता हूँ कि उस की आख़िरी कॉल आख़िरी ही हुई तो क्या होगा
Fahmi Badayuni
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उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया देखा इस बीमारी-ए-दिल ने आख़िर काम तमाम किया
Meer Taqi Meer
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वो खु़द भी कितना खा़ली है उसे बता दिया मैं ने के आज आईने को आईना दिखा दिया मैं ने
S M Afzal Imam
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हम ही विरसे में दिया करते हैं उन को ये ख़राबी वरना बच्चों को कहाँ आता है बातों को छुपाना
S M Afzal Imam
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जब से वो कह कर गई तू साँवला है तब से कानों में यही बस गूँजता है
S M Afzal Imam
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हमेशा बात करते वक़्त यूँँ ही मुस्कुरा देना ये आदत तेरी 'अफ़ज़ल' अब किसी की जान ले लेगी
S M Afzal Imam
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आज ये राज़ भी मैं बता देता हूँ क्यूँँ तुझे देख के मुस्कुरा देता हूँ आग लगती है जो देखने से तुझे मुस्कुरा कर उसी को हवा देता हूँ
S M Afzal Imam
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