आज ये राज़ भी मैं बता देता हूँ क्यूँँ तुझे देख के मुस्कुरा देता हूँ आग लगती है जो देखने से तुझे मुस्कुरा कर उसी को हवा देता हूँ
Related Sher
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
368 likes
गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
263 likes
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
264 likes
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
More from S M Afzal Imam
बैठ तो दो पल माँ के पास दो पल को ही बातें कर
S M Afzal Imam
0 likes
इब्तिदा कहानी की मुस्कुराने से हुई और बाक़ी काम फिर शा'इरी ने कर दिया
S M Afzal Imam
3 likes
हम ही विरसे में दिया करते हैं उन को ये ख़राबी वरना बच्चों को कहाँ आता है बातों को छुपाना
S M Afzal Imam
0 likes
हमेशा बात करते वक़्त यूँँ ही मुस्कुरा देना ये आदत तेरी 'अफ़ज़ल' अब किसी की जान ले लेगी
S M Afzal Imam
2 likes
तुम्हारी याद आती है तो सब कुछ भूल जाता हूँ मैं जब कुछ भूल जाता हूँ तुम्हारी याद आती है
S M Afzal Imam
4 likes
Similar Writers
Our suggestions based on S M Afzal Imam.
Similar Moods
More moods that pair well with S M Afzal Imam's sher.







