तुम्हारी याद आती है तो सब कुछ भूल जाता हूँ मैं जब कुछ भूल जाता हूँ तुम्हारी याद आती है
Related Sher
सैर कर दुनिया की ग़ाफ़िल ज़िंदगानी फिर कहाँ ज़िंदगी गर कुछ रही तो ये जवानी फिर कहाँ
Khwaja Meer Dard
127 likes
मेरे होंटों पे अपनी प्यास रख दो और फिर सोचो कि इस के बा'द भी दुनिया में कुछ पाना ज़रूरी है
Waseem Barelvi
126 likes
बस ये दिक़्क़त है भुलाने में उसे उस के बदले में किस को याद करें
Fahmi Badayuni
126 likes
ये शहर-ए-अजनबी में अब किसे जा कर बताएँ हम कहाँ के रहने वाले हैं कहाँ की याद आती है
Ashu Mishra
117 likes
मुझ को भी उन्हीं में से कोई एक समझ ले कुछ मसअले होते हैं ना जो हल नहीं होते
Ali Zaryoun
126 likes
More from S M Afzal Imam
वो खु़द भी कितना खा़ली है उसे बता दिया मैं ने के आज आईने को आईना दिखा दिया मैं ने
S M Afzal Imam
0 likes
हम ही विरसे में दिया करते हैं उन को ये ख़राबी वरना बच्चों को कहाँ आता है बातों को छुपाना
S M Afzal Imam
0 likes
आज ये राज़ भी मैं बता देता हूँ क्यूँँ तुझे देख के मुस्कुरा देता हूँ आग लगती है जो देखने से तुझे मुस्कुरा कर उसी को हवा देता हूँ
S M Afzal Imam
0 likes
जब से वो कह कर गई तू साँवला है तब से कानों में यही बस गूँजता है
S M Afzal Imam
0 likes
तेरी संगत का अफ़ज़ल असर है के वो मुस्कुराता है जब भी ख़फा़ रहता है
S M Afzal Imam
5 likes
Similar Writers
Our suggestions based on S M Afzal Imam.
Similar Moods
More moods that pair well with S M Afzal Imam's sher.







