idhar udhar meri aankhen tujhe pukarti hain meri nigah nahin hai zaban hai goya
sherKuch Alfaaz
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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Tehzeeb Hafi
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वो तो ख़ुश-बू है हवाओं में बिखर जाएगा मसअला फूल का है फूल किधर जाएगा
Parveen Shakir
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पहले सौ बार इधर और उधर देखा है तब कहीं डर के तुम्हें एक नज़र देखा है
Majrooh Sultanpuri
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इस से पहले कि तुझे और सहारा न मिले मैं तिरे साथ हूँ जब तक मिरे जैसा न मिले
Afkar Alvi
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मेरी दुनिया में कोई चीज़ ठिकाने पे नहीं बस तुझे देख के लगता है कि सब अच्छा है
Idris Babar
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