इक सिलसिला तवील रहा इंतिज़ार का अब हाल क्या सुनाएँ दिल-ए- बेक़रार का
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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ज़ख़्म रिसता है दवाओं का असर होने तक हम न मिट जाएँ कहीं उन को ख़बर होने तक
Navneet krishna
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मेरा दिल इक फ़साना बना है टूटे दिल को लगाना पड़ा है
Navneet krishna
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इक इंक़लाब नया आज हो गया है क्या मुझे ज़माने ने ख़ुद ही बदल दिया है क्या
Navneet krishna
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क्या थे क्या आज हो गए हैं हम याद-ए-जानाँ में खो गए हैं हम पेड़ पर फल ज़रूर आएगा प्यार के बीज बो गए हैं हम
Navneet krishna
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ज़मीं पे अगरचे जवाँ और भी हैं हमारी तरह के कहाँ और भी हैं तुम्हारी नज़र के अलावा भी हमदम ज़माने में तीर-ओ-कमाँ और भी हैं
Navneet krishna
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