ek teri yaad se ek tere tasawwur se hamein aa gae yaad kai nam hasinaon ke
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हम को यारों ने याद भी न रखा 'जौन' यारों के यार थे हम तो
Jaun Elia
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मत पूछ कि क्या हाल है मेरा तेरे पीछे तू देख कि क्या रंग है तेरा, मेरे आगे
Mirza Ghalib
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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मैं ने जैसी चाही थी ना वैसी इन में खनखन नइँ जितने प्यारे हाथ हैं तेरे उतने प्यारे कंगन नइँ
Varun Anand
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ये उस की मोहब्बत है कि रुकता है तेरे पास वरना तेरी दौलत के सिवा क्या है तेरे पास
Zia Mazkoor
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वो देखने मुझे आना तो चाहता होगा मगर ज़माने की बातों से डर गया होगा
Habib Jalib
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लाख कहते रहें ज़ुल्मत को न ज़ुल्मत लिखना हम ने सीखा नहीं प्यारे ब-इजाज़त लिखना
Habib Jalib
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पा सकेंगे न उम्र भर जिस को जुस्तुजू आज भी उसी की है
Habib Jalib
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दुनिया तो चाहती है यूँँही फ़ासले रहें दुनिया के मश्वरों पे न जा उस गली में चल
Habib Jalib
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एक हमें आवारा कहना कोई बड़ा इल्ज़ाम नहीं दुनिया वाले दिल वालों को और बहुत कुछ कहते हैं
Habib Jalib
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