ek zamane tak badan be-khwab be-adab the phir achanak apni uryani ka andaza hua
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हम भी गाँव में शाम को बैठा करते थे हम को भी हालात ने बाहर भेजा है
Zahid Bashir
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आईने आँख में चुभते थे बिस्तर से बदन कतराता था एक याद बसर करती थी मुझे मैं साँस नहीं ले पाता था
Tehzeeb Hafi
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शतक बनाने को बस एक रन बनाना है वो दोस्त बन गई है अब दुल्हन बनाना है
Charagh Sharma
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इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया वर्ना हम भी आदमी थे काम के
Mirza Ghalib
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वाक़िफ़ कहाँ ज़माना हमारी उड़ान से वो और थे जो हार गए आसमान से
Faheem Jogapuri
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वो सामने था तो कम कम दिखाई देता था चला गया तो बराबर दिखाई देने लगा
Shaheen Abbas
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तेरी ख़ुशबू को लुटाते हुए आते जाते बाक़ी बचता है जो इंसान कहाँ जाता है
Shaheen Abbas
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इक नक़्श हो न पाए इधर से उधर मेरा जैसा तुम्हें मिला था मैं वैसा जुदा करो
Shaheen Abbas
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मुझ से आगे नज़र आने में ख़ुशी थी उस की मेरी ज़ंजीर से ज़ंजीर बड़ी थी उस की
Shaheen Abbas
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मैं बाग़ में जिस जगह खड़ा हूँ हर फूल से काम चल रहा है
Shaheen Abbas
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