इस दफ़ा भी जश्न-ए-आज़ादी नहीं है इस दफ़ा भी हम किसी की क़ैद में हैं
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ये पता चला हमें तेरे इंतिज़ार में थोड़ी देर होने में कितनी देर लगती है
Subhash Ehsaas
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राएगानी के अगर मानी समझने हैं तो आना बा'द तेरे तुझ को हर इक शय यहाँ उजड़ी मिलेगी
Subhash Ehsaas
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बुज़ुर्ग जा रहे हैं दुनिया छोड़ रफ़्ता रफ़्ता अब हमें भी काँधे के लिए पुकारता है गाँव देख
Subhash Ehsaas
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बीस साल जी के ये ख़याल है तेरे लिए ख़ुद-कुशी से भी कहीं हराम है तू ज़िंदगी
Subhash Ehsaas
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बद-दुआ है या दुआ ये तो नहीं मालूम लेकिन तेरी औलादों को महबूबा तेरे जैसी मिलेगी
Subhash Ehsaas
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