इस्तिफ़ादा, दाम, शोहरत, है न ख़्वाहिश शा'इरी से याद मेरा नाम तुम को रह गया, ये भी बहुत है
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बस ये दिक़्क़त है भुलाने में उसे उस के बदले में किस को याद करें
Fahmi Badayuni
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आप क्यूँँ रोएँगे मेरी ख़ातिर फ़र्ज़ ये सारे इस ग़ुलाम के हैं दिन में सौ बार याद करता हूँ पासवर्ड सारे तेरे नाम के हैं
Aadil Rasheed
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मेरे होंटों पे किसी लम्स की ख़्वाहिश है शदीद ऐसा कुछ कर मुझे सिगरेट को जलाना न पड़े
Umair Najmi
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याद भी आता नहीं कुछ भूलता भी कुछ नहीं या बहुत मसरूफ़ हूँ मैं या बहुत फ़ुर्सत में हूँ
Bharat Bhushan Pant
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मेरा अरमान मेरी ख़्वाहिश नहीं है ये दुनिया मेरी फ़रमाइश नहीं है मैं तेरे ख़्वाब वापस कर रहा हूँ मेरी आँखों में गुंजाइश नहीं है
Abrar Kashif
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कितना सुकून है तेरी बाहों में जान-ए-जाँ जी चाहता है मैं तुझे बाहों में बाँध लूँ
Aves Sayyad
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तेरे घर की खुली इन खिड़कियों में जा फँसे हैं घनी ज़ुल्फ़ों में तेरी हम उलझ कर रह गए हैं न कोई है हमारा, है न हम में हौसला फिर दुआ पर जाने किस की, उम्र अपनी जी रहे हैं
Aves Sayyad
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गर तुम भी उस को देखने के बा'द ज़िंदा हो मतलब तुम्हें भी हुस्न का मतलब नहीं पता
Aves Sayyad
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ईद पर सब फूल ले कर आ रहे हैं हो गए हैं ज़िंदगी के ख़त्म रमज़ान
Aves Sayyad
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यही बस इक हक़ीक़त है, मुझे तुम सेे मुहब्बत है मगर हम मिल नहीं पाए, ये अपनी कैसी क़िस्मत है
Aves Sayyad
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