यही बस इक हक़ीक़त है, मुझे तुम सेे मुहब्बत है मगर हम मिल नहीं पाए, ये अपनी कैसी क़िस्मत है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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बड़े नादान हो तुम भी ज़रा समझा करो बातें गले मिल कर जो रोती है बिछड़ कर कितना रोएगी
Ankita Singh
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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कुछ न रह सका जहाँ विरानियाँ तो रह गईं तुम चले गए तो क्या कहानियाँ तो रह गईं
Khalil Ur Rehman Qamar
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अब दिखाते हैं आइना मुझ को बेतहाशा रुलाने वाले लोग
Aves Sayyad
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जितनी दुनिया बनाई है उस ने हम तो बिछड़े हर एक दुनिया में
Aves Sayyad
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अब तेरे आँसू बहाने से नहीं आएँगे हम मोहब्बत में बुलाने से नहीं आएँगे हम सेे मिलना है अगर तो यूँँ हिजाबों में न आ हम फ़क़त हाथ दिखाने से नहीं आएँगे
Aves Sayyad
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कितना सुकून है तेरी बाहों में जान-ए-जाँ जी चाहता है मैं तुझे बाहों में बाँध लूँ
Aves Sayyad
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गर तुम भी उस को देखने के बा'द ज़िंदा हो मतलब तुम्हें भी हुस्न का मतलब नहीं पता
Aves Sayyad
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